बुधवार, 8 अप्रैल 2015

हाथों के दर्शन

               अक्सर आप ने घर के बड़े - बुढ़ों को कहते हुए सुना होगा कि शुभ कार्य में काले रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए या काला रंग अशुभ होता है। इसलिए जहां तक हो सके काले रंग के कपड़ों का उपयोग शादी में पूजा- पाठ में नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन जब बुरी नजर या किसी तरह की नजर उतारने की बात आती है तो काले रंग का ही उपयोग किया जाता है।



बुरी नजर से बचने के लिए काले रंग से जुड़ी कई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। काला धागा पहनने या काला टीका लगाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और यह आज भी प्रचलित है। तार्किक लोग इसे एक प्राचीन अंधविश्वास से अधिक कुछ भी नहीं मानते।
सामान्य समझ के अनुसार काला रंग, नजर लगाने वाले की एकाग्रता को भंग कर देता है। इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा संबंधित व्यक्ति को प्रभावित नहीं कर पाती। छोटे बच्चों या लड़कियों की सुंदरता को किसी भी बुरी नजर से बचाने के लिए उन्हें काला धागा क्यों बांधा जाता है? तंत्र- मंत्र और ज्योतिष के विशेषज्ञों के अनुसार काला धागा बांधने अथवा काला-टीका लगाने के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है। ये पंच तत्व हैं- पृथ्वी, वायु, अग्नि, जल और आकाश। इनसे मिलने वाली ऊर्जा ही हमारे शरीर का संचालन करती हैं। इनसे मिलने वाली ऊर्जा से ही हम सभी सुविधाओं को प्राप्त करते हैं। जब किसी इंसान की बुरी नजर हमारी सुविधाओं को लगती है तब इन पंच तत्वों से मिलने वाली संबंधित सकारात्मक ऊर्जा हम तक नहीं पहुंच पाती है। इसीलिए, गले में काला धागा बांधा जाता है। अगर हम बुरी नजर से बचने के लिए काले धागे के प्रयोग की बात करें तो इसकी वैज्ञानिक मान्यता यह है कि काला रंग उष्मा का अवशोषक होता है। यह माना जाता है कि काला धागा बुरी नजर को या बुरा ऊर्जाओं को अवशोषित कर लेता है व उनका प्रभाव हम पर नहीं पडऩे देता है।
इसके अतिरिक्त काले धागे से अनेक टोटके भी जुड़े हुए हैं। अगर आप मालामाल होना चाहते हैं तो काले धागे का यह आसान प्रयोग करें। यह टोटका आपके भाग्य को बदलने में सक्षम है। जब भी हमारे खुशियां दुख में बदल जाएं या हमेशा प्राप्त होने वाला धन लाभ अचानक हानि में बदल जाए या परिवार का आपसी तालमेल बिगड़ जाए अथवा इसी प्रकार की अन्य घटनाएं होने लगे, तब यह संभव है कि आपको या आपके परिवार या आपकी जॉब या व्यवसाय को किसी की बुरी नजर लगी हो। इससे बचने के लिए ज्योतिष में कई तरीके बताए गए हैं। उनमें से एक टोटका यह है कि किस्मत और पैसों के लिए रेशमी या सूती काला धागा बाजार से लेकर आएं और मंगलवार के दिन शाम को ये धागा हनुमान मंदिर लेकर जाएं। इस धागे में नौ छोटी-छोटी गांठ बांध लें। इस धागे पर हनुमान जी के पैरों का सिंदूर लगा लें। इस धागे को अपने घर के मुख्य दरवाजे पर बांध दें या तिजोरी पर बांध दें। इससे आपके घर में पैसों की आवक बढ़ जाएगी। यह एक अनुभूत प्रयोग है और कई लोगों ने इसके जरिए अपने भाग्य को मनोवांछित दिशा में मोडऩे में सफलता प्राप्त की है। काला रंग अवशोषक शक्ति का प्रतीक है। यह वाह्य प्रभावों को शोषित कर यथास्थिति को बनाए रखता है। काले रंग की उपस्थिति में ब्रह्मांड में विचरण करने वाली नकारात्मक शक्तियां अपना प्रभाव नहीं दिखा पातीं। ऐसे में शरीर के विभिन्न अंगों पर काला धागा बांधने या काजल का टीका लगाने का एक वैज्ञानिक आधार तो होता है ही।
जब कोई नया मकान बनाया जाता है तो उस पर काले रंग का मटका लगाया जाता है। वो कहते हैं ना कि लोहा ही लोहे को काटता है। वैसे ही नकारात्मकता का प्रतीक होने के कारण ही ऐसा माना जाता है कि काला रंग नकारात्मकता का अवशोषण कर लेता है। इसलिए देखने में आता है कि छोटे-छोटे बच्चों और सुंदर लड़कियों को चेहरे पर कहीं ना कहीं काला टिका लगा होता है। काला टिका लगाने की परंपरा के पीछे यही वजह है कि सुंदरता की ओर सभी जल्दी ही आकर्षित हो जाते हैं और कुछ लोग सुंदर चेहरे को एकटक देखते रहते हैं।

उनकी ऐसी नजरों से बच्चे या सुंदर लड़कियों पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। काला टिका लगाने से एकटक देखने वाले की नजर काला रंग पर टिक जाती है जिससे उनकी नजर का बुरा प्रभाव नष्ट हो जाता है।
                प्रतिदिन सुबह-सुबह हमारा एक प्रश्न होता है कि हमारा दिन कैसा रहेगा? दिन को अच्छा बनाने के लिए सभी कुछ न कुछ धर्म-कर्म अवश्य ही करते हैं। सभी चाहते हैं कि उनका नया दिन शुभ रहे, खुशियां देने वाला हो, दुख दूर करने वाला हो और सफलताएं दिलाने वाला हो। शास्त्रों के अनुसार एक सटीक उपाय बताया गया है जिससे हमारा पूरा दिन श्रेष्ठ बनता है और सभी दुख-क्लेश दूर होते हैं।
सुबह उठते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए कि हमारा पूरा दिन अच्छा रहे और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहे? कई लोग भगवान के दर्शन करते हैं तो कुछ अपने घर के सदस्यों का चेहरा देखते हैं लेकिन बिस्तर छोडऩे से पहले हमें हमारे हाथों के दर्शन करने चाहिए। कुछ लोग सोचते हैं कि हाथों के दर्शन से क्या होगा?
तो इस प्रश्न का उत्तर यह है कि धर्म ग्रंथों और ऋषि-मुनियों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हमारे हाथों की हथेलियों में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं।
इसी वजह से हमें सुबह उठते ही सबसे पहले अपने हाथों की हथेलियों के दर्शन करने चाहिए। दोनों हाथों को मिलाकर उसके दर्शन करके ही बिस्तर छोडऩा चाहिए।
हमारे हाथ के आगे के हिस्से में (अंगुलियों की ओर) लक्ष्मी, मध्य भाग में सरस्वती और नीचले भाग में नारायण यानी विष्णु का वास होता है। प्रात: हाथों के दर्शन से ही तीनों दिव्य शक्तियों के दर्शन का पुण्य मिलता है। सुबह हथेलियों का दर्शन करने के पीछे यही संदेश है कि हम परमात्मा से अपने कर्मों में पवित्रता और शक्ति की कामना करते हैं। संसार का सारा वैभव, शिक्षा, पराक्रम हमें हाथों के जरिए ही मिलता है। इसलिए हाथों में लक्ष्मी, सरस्वती और विष्णु तीनों का वास माना गया है।
कहते हैं दिन की शुरुआत अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा बीतता है। इसके लिए जरुरी है कि सुबह उठकर ऐसे काम करें जो आपको उत्साहित और उर्जावान बनाए रखे। न कि ऐसी गलती कर बैठें कि पूरा दिन तनाव और परेशानी में बीते।
हथेली को देखें-
हथेली को देखें, शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य को अपना दिन बेहतरीन बनाने के लिए सुबह उठकर सबसे पहले अपना हाथ देखना चाहिए। हाथ ही कर्म करता है और भाग्य को बदलने की क्षमता रखता है।
आखिर क्यों देखें हथेली-
आखिर क्यों देखें हथेली, कहा जाता है कराग्रे वसति लक्ष्मी:, कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्द:, प्रभाते कर दर्शनम?। यानी हथेली में लक्ष्मी, सरस्वती और गोविंद का वास है। इनके दर्शन से पूरा दिन अच्छा रहता है।
मन्त्र का ध्यान
मन्त्र का ध्यान, हथेली देखते हुए इस मंत्र का ध्यान भी करना चाहिए, ताकि आपके मन में लक्ष्मी, सरस्वती और गोविंद की छवि बने।
सबसे पहले किसे छूयें-
सबसे पहले किसे छूयें, बिछावना से उतरते समय पांव सीधे जमीन पर में नहीं रखना चाहिए। धरती को माता के समान आदरणीय कहा गया है इसलिए सबसे पहले धरती का स्पर्श करके हथेली को माथे से लगाएं।
ऊर्जा का संचार-
ऊर्जा का संचार, ऐसे करने से तन मन में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। अपने कार्य में आप बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं

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