बुधवार, 29 अप्रैल 2015

किस महीने में पैदा हुए आप!

जन्‍म के महीने से व्‍यक्ति का व्‍यक्तित्‍व तो झलकता है साथ ही किसी के जन्‍म का महीना उसके स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में भी बताता है, तो आप भी जानिये, क्‍या कहता है आपके जन्‍म का महीना?




    --किस महीने में पैदा हुए आप!

    आप किस महीने में पैदा हुए हैं, इसका आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। आपके पैदा होने वाला महीना ही आपके संपूर्ण शरीर के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में बताता है। पैदा होने वाले महीने और बीमारियों को लेकर कई शोध हुए हैं, और इन शोधों में यह बात भी साबित हुई है कि शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पूरी तरह से इनका असर पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ पैदा होने वाले महीने का असर आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। यानी आपके पैदा होने वाला आपके जीवन को बाद में पूरी तरह से प्रभावित करता है। तो आप जिस महीने में पैदा हुए हैं उस महीने से संबंधित स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या के बारे में जानिये।
   
    1--जनवरी

    अगर आपका जन्‍म जनवरी महीने में हुआ तो आपका व्‍यक्तित्‍व बहुत ही आकर्षक होगा और खुशमिजाज होंगे। आप कड़ी मेहनत में विश्‍वास रखते हैं और अपने करियर को लेकर आप एक तरह की दीवानगी है। आप बहुत सामाजिक भी हो सकते हैं और आपके अंदर नेतृत्‍व करने की क्षमता कूट-कूटकर भरी हुई है। जनवरी में पैदा हुए लोग रचनात्‍मक भी होते हैं। जर्मनी में हुए शोध की मानें तो इस महीने में पैदा हुए लोग बायें हाथ के हो सकते हैं।
  
    2- फरवरी

    इस महीने में पैदा हुए लड़के और लड़कियां दोनों में सोचने और समझने की अद्भुत क्षमता होती है। इस महीने में जन्‍मे लोग जब खुश होते हैं तो खूब खुश होते हैं इतने कि खुशी आपसे संभाले नहीं संभलती और जब दुखी होते हैं तो खूब दुखी। ऐसे लोग अपने आप में एक रहस्य बनाकर चलते हैं। इस महीने में पैदा हुए लोगों को समझ पाना थोड़ा मुश्किल है।
   
  3- मार्च

    इस महीने में पैदा होने वाले लोग मिलनसार होते हैं, और यात्राओं के शौकीन भी। इसके अलावा इस महीने में पैदा होने वाले लोग अधिक उत्‍साही और उत्‍सुक होते हैं, उनमें विभिन्‍न प्रकार की जानकारी इकट्ठा करने का जोश होता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में 2014 में हुए एक शोध की मानें तो मार्च महीने में पैदा हुए लोगों में गैर-होजकिंग लिम्‍फोमा (non-Hodgkin’s lymphoma) के विकसित होने की संभावना 25 प्रतिशत अधिक रहती है।
    
 4- अप्रैल

    अप्रैल महीने में पैदा हुए लोगों का आकर्षक व्‍यक्तित्‍व होता है, ये लोग जिद्दी और हंसमुख भी होते हैं। इस महीने में पैदा हुए लोगों को खुद के गुस्‍से पर काबू भी नहीं होता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में 2014 में ही छपे शोध के अनुसार इस महीने में पैदा हुए लोगों की सफेद रक्‍त कोशिकाओं में कैंसर (non-Hodgkin’s lymphoma) होने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा 2012 में हुए एक अन्‍य शोध की मानें तो इस महीने में पैदा हुए लोगों में रूमेटाइड अर्थराइटिस, अल्‍सर, स्‍केलेरोसिस जैसी बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है।
   
   5- मई

    इस महीने में पैदा हुए लोग आकर्षक और लोकप्रिय होते हैं। लेकिन ये लोग थोड़े से लापरवाह और थोड़े से सनकी भी होते हैं। एक बार अगर कुछ ठान लें तो उसे पाकर ही रहते हैं। इस महीने में जन्‍में लोगों में कुछ कर गुजरने की संभावना अधिक होती है, ये लोग जीवन के साथ सही तरीके से तारतम्‍य बैठा लेते हैं। यूनाइटेड किंगडम में हुए एक शोध की मानें तो इस महीने में पैदा हुए लोगों में आंखों से संबंधित समस्‍याओं के होने की अधिक संभावना रहती है।

   6- जून

    जून में पैदा हुए लोग जिद्दी और जुनूनी होते हैं। इस महीने में पैदा हुए लोगों को अधिक गुस्‍सा आता है और वे गुस्‍से पर नियं‍त्रण भी नहीं रख पाते हैं। इनकी जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इंग्‍लैड में हुए एक शोध की मानें तो जो लोग जून में यानी भयंकर गर्मी के महीने में पैदा होते हैं उनमें आंखों से संबंधित बीमारी मायोपिया या निकट दृष्टि दोष होने की संभावना 17 प्रतिशत तक अधिक होती है।
 7-जुलाई

    इस महीने में पैदा हुए लोगों के दिमाग को समझना टेढ़ी खीर होता है, ये लोग अत्यंत रहस्यवादी और मूडी होते हैं। इनका दिल बहुत कोमल होता है और इनके अंदर प्रबंधन क्षमता कमाल की होती है। 2010 में हंगरी में हुए एक शोध की मानें तो जो बच्‍चे जुलाई महीने में पैदा होते हैं उनमें आत्‍महत्‍या की प्रवृत्ति दिसंबर में पैदा हुए बच्‍चों से 14 प्रतिशत अधिक होती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने सर्वे के आधार पर यह निष्‍कर्ष निकाला न कि किसी बीमारी के आधार पर।
  
   8- अगस्‍त

    अगस्‍त महीने में पैदा हुए लोग पैसों का प्रबंधन सही तरीके से कर सकते हैं और उनका दिमाग तेज होता है। हां, ये लोग पैसे खर्च करने में थोड़ी कंजूसी बरतते हैं। इस महीने में जन्‍में लोगों की प्रतिभा का जवाब नहीं, ये लोग कला, साहित्य और विभिन्न रचनात्मक विधाओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। एलर्जी जर्नल में 2012 में छपे एक शोध की मानें तो इस महीने में जन्‍में लोगों को एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है। 
   
  9-  सितंबर

    सितबंर महीने में पैदा हुए लोग अधिक उदार होते हैं और दूसरों की सहायता करने में ये लोग कभी पीछे नहीं हटते हैं। इनमें सीखने और समझने की क्षमता अन्य की तुलना से अधिक होती है। इस महीने में पैदा हुए लोग संघर्ष करने में पीछे नहीं हटते और मेहनत पर विश्‍वास करते हैं। इनके पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इस महीने में पैदा हुए लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए, क्‍योंकि इन्‍हें एलर्जी संबंधित बीमारी (अस्‍थमा की संभावना सबसे अधिक) होने की संभावना अधिक होती है।
   
    10--अक्‍टूबर


    इस महीने में पैदा होने वाले लोग बेहद शांत और आकर्षक होते हैं। ऐसे लोग लोगों से उलझने की बजाय खुद में खुश रहना बेहतर समझते हैं। बीएमसी मेडिसिन में 2012 में छपे एक शोध की मानें तो अक्‍टूबर महीने में पैदा हुए बच्‍चों में बाद में स्‍व-प्रतिरक्षातंत्र वाली बीमारी जैसे मल्‍टीपल स्‍क्‍लेरोसिस, रूमेटाइड अर्थराटिस और अल्‍सर होने की संभावना उम्र बढ़ने के साथ अधिक हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि गर्भवती महिलाओं में तीसरी तिमाही में विटामिन डी की कमी हो जाती है।
   
    11-- नवंबर

    इस महीने में पैदा होने वाले लोग दूसरों की सहायता करने में विश्‍वास रखते हैं। ये लोग अत्यंत दयालु और परोपकारी होते हैं। इनमें बहुत अधिक सहनशक्ति होती है। जर्मनी में हुए शोध के अनुसार, इस महीने में पैदा हुए लोग अधिकतर बायें हाथ के होते हैं।
   
    12- दिसबंर


    दिसंबर में पैदा होने वाले लोग अव्वल दर्जे के आलसी हैं होते हैं। ऐसे लोग दूसरों पर अधिक निर्भर रहते हैं। इस महीने जन्‍मे लोग दूसरों के साथ तालमेल बिठाकर नहीं चल पाते हैं। ये लोग भाग्‍य पर अधिक भरोसा रखते हैं। इन लोगों में आत्‍महत्‍या करने की प्रवृत्ति भी होती है, इन्‍हें आंखों की समस्‍यायें होने की भी संभावना होती है।

स्वप्न फल ज्योतिष

 सिर के पीछे एक केन्द्रस्थान होता है प्राचीन काल में लोग भले ही पूरे सिर के बाल कटवा लेते थे लेकिन इस स्थान के बाल नहीं कटवाते थे। इस स्थान के बालों को शिखा के नाम से जाना जाता है।
आज भी बहुत से लोग हैं जो शिखा रखते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि शिखा के बालों को गांठ लगाकर रखना चाहिए। बहुत से लोग फैशन के चक्कर में शिखा रखना पसंद नहीं करते और इसे कटवा लेते हैं।
      जबकि प्राचीन ग्रंथों में बताया गया है कि शिखा कटने के मतलब सिर कटना होता है। किसी व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जाता था लेकिन किसी कारण उसका सिर नहीं काटा जा सकता था तो उसकी शिखा काट दी जाती थी। शिखा कटे हुए व्यक्ति को दास माना जाता था।
      यह तो शिखा के विषय में प्राचीन मान्यताओं की बात हुई। असल में शिखा रखने के बड़े ही फायदे हैं इसलिए शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य को शिखा जरुर रखना चाहिए। आइये जानें शिखा रखने के पांच बड़े फायदे।शिखा का सबसे पहला लाभ यह है कि यह व्यक्ति की बौद्घिक एवं स्मरण शक्ति को बढ़ाने का काम कारता है। आपने चाणक्य और कई अन्य प्राचीन विद्वानों की तस्वीरें देखी होगी जिसमें उनके सिर पर शिखा दिखी होगी। यह शिखा इसलिए रखते थे कि उनकी बौद्घिक क्षमता बनी रही।
      शिखा के विषय में चाणक्य की एक कथा काफी मशहूर है। जब राजा धननंद ने उनका अपमान किया तो उन्होंने यह शपथ ली थी कि जब तक नंद वंश का अंत नहीं कर दूंगा तब तक अपनी शिखा नहीं बांधूंगा। और इन्होंने अपने शपथ को पूर्ण किया।
     एक पाश्चात्य वैज्ञनिक हुए सर चार्ल ल्यूक्स। इन्हों ने शिखा के फायदे पर जब शोध किया तब बताया कि 'शिखा का जिस्म के उस जरुरी अंग से बहुत संबंध है जिससे ज्ञान वृद्घि और तमाम अंगों का संचालन होता है। जब से मैंने इस विज्ञान की खोज की है तब से मैं खुद चोटी रखता हूं !
हिंदू धर्म में संकेतों की मान्यता भी प्रचलित है। ये संकेत भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में हमें पहले से ही सूचित कर देते हैं। इन संकेतों का माध्यम सपने हो सकते हैं या किसी पशु, पक्षी की कोई खास हरकत भी। कुछ संकेत ऐसे भी होते हैं, जो हमें धन लाभ होने के बारे में पहले से ही बता देते हैं। आवश्यकता है बस उन संकेतों को समझने की।

आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में जो लक्ष्मी (धन) आगमन के बारे में हमें पहले से ही सूचित कर देते हैं। ये हैं वो संकेत-

- स्वप्न फल ज्योतिष - जानिए 251 सपनों के फल



1- अगर आपके शरीर के दाहिने भाग में या सीधे हाथ में लगातार खुजली हो, तो समझ लेना चाहिए कि आपको धन लाभ होने वाला है।


2- यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट गया है, तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होती है।

3- लेन-देन के समय यदि पैसा आपके हाथ से छूट जाए, तो समझना चाहिए कि धन लाभ होने वाला है।

4- जो व्यक्ति सपने में मोती, मूंगा, हार, मुकुट आदि देखता है, उसके घर में लक्ष्मी स्थाई रूप से निवास करती है।

5- जिसे स्वप्न में कुम्हार घड़ा बनाता हुआ दिखाई देता है, उसे बहुत धन लाभ होता है।

6- दीपावली के दिन यदि कोई किन्नर संज-संवर कर दिखाई दे, तो अवश्य ही धन लाभ होता है। ये धन लाभ अप्रत्याशित रूप से होता है।

7- सोकर उठते ही सुबह-सुबह कोई भिखारी मांगने आ जाए, तो समझना चाहिए कि आपके द्वारा दिया गया पैसा (उधार) बिना मांगे ही मिलने वाला है। इसलिए भिखारी को अपने द्वार से कभी खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए।

8- यदि कोई सपने में स्वयं को कच्छा पहनकर कपड़े में बटन लगाता देखता है, तो उसे धन के साथ मान-सम्मान भी मिलता है।

9- यदि कोई स्वप्न में किसी को चेक लिखकर देता है, तो उसे विरासत में धन मिलता है तथा उसके व्यवसाय में भी वृद्धि होती है।

10- गुरुवार के दिन कुंवारी कन्या पीले वस्त्रों में दिख जाए, तो इसे भी शुभ संकेत मानना चाहिए। ये भी धन लाभ होने के संकेत है।

11- अगर आप धन संबंधित काम के लिए कहीं जाने के लिए कपड़े पहन रह हैं और उसी समय आपकी जेब से पैसे गिरें, तो यह आपके लिए धन प्राप्ति का संकेत है।

12- यदि कोई सपने में दियासलाई जलाता है, तो उसे अनपेक्षित रूप से धन की प्राप्ति होती है।

13- सपने में अगर किसी को धन उधार देते हैं, तो अत्यधिक धन की प्राप्ति होती है।

14- कहीं जाते समय नेवले द्वारा रास्ता काटना या नेवले का दिखना शुभ संकेत होता है। नेवला दिखना धन लाभ का संकेत होता है। आप सोकर उठे हों और उसी समय नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

15- सपने में यदि गर्दन में मोच आ जाए, तो भी धन लाभ होता है। यदि पका हुआ संतरा देंखे तो शीघ्र ही अतुल धन-संपत्ति प्राप्त होती है।

16- शुक्रवार के दिन कपिला गाय (केसरिया रंग की) के दर्शन होना भी बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा हो जाए तो समझना चाहिए कहीं से अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं।

17- जो व्यक्ति सपने में फल-फूलों का भक्षण करता है, उसे धन लाभ होता है। जो स्वप्न में ध्रुमपान करता है, उसे भी धन प्राप्ति होती है।

18- कुत्ता यदि अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गढ़ा धन होने की संभावना होती है।

19- यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे, तो उस व्यक्ति को धन लाभ होता है।

20- जो व्यक्ति सपने में मूत्र, वीर्य, विष्ठा व वमन का सेवन करता है, वह निश्चित ही महाधनी हो जाता है।
यदि कोई व्यक्ति सपने में अपनी प्रेमिका से संबंध विच्छेद कर लेता है, तो उसे विरासत में धन की प्राप्ति होती है।

21- यदि कोई यात्री घर को लौट रहा हो और गधा उसके बाईं ओर रेंके तो उसे थोड़े समय बाद धन लाभ होता है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी गांव, नगर अथवा मकान में प्रवेश करते समय सुअर अपनी दाहिनी ओर दिख जाए तो उसे लाभ मिलता है।

22- जिसे सपने में ऊंट दिखाई देता है, उसे अपार धन लाभ होता है। स्वप्न में हरी-फुलवारी तथा अनार देखने वाले को भी धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

24- सपने में यदि गड़ा हुआ धन दिखाई दे, तो उसके धन में अतुलनीय वृद्धि होती है।
 25- बैंक में पैसे जमा करने जाते समय अगर रास्ते में गाय आ जाए तो आपके धन संबंधित सभी काम पूरे होते हैं।

26- जो व्यक्ति सपने में स्वयं को केश विहीन (गंजा) देखता है, उसे अतुल्य धन की प्राप्ति होती है।

27- जो सपने में खेत में पके हुए गेहूं देखता है, वह शीघ्र ही धनवान बन जाता है।

28- सपने में जिसके दाहिने हाथ में सफेद रंग का सांप काट ले, उसे बहुत से धन की प्राप्ति होती है।

29- यदि कोई सपने में अपने सीने को खुजाता है, तो उसे विरासत में संपत्ति मिलती है।

30- यदि कोई सपने में आंख खुजाता है धन लाभ होता है। /'
  

मंगलवार, 28 अप्रैल 2015

छिन्नमस्ता देवी



योगिनियाँ, साक्षात् आदि शक्ति काली के ही अवतार हैं तथा सर्वदा ही शिव अर्धांगिनी या पत्नी, पार्वती के साथ रहती हैं । घोर नामक दैत्य से साथ युद्ध के समय, आदि शक्ति काली ने ही, समस्त योगिनिओ के रूप में अवतार लिया । ये, देवी पार्वती के घनिष्ट संगी-साथी तथा अनुसरण करने वाली हैं, देवी द्वारा लड़े गए प्रत्येक युद्धों में समस्त योगिनिओ ने भाग लिया तथा असादाहरण वीरता, योग्यता का परिचय दिया । महा विद्याऐं, सिद्ध विद्याऐं भी योगनियों की ही श्रेणी में आते हैं ये भी आद्या शक्ति काली के ही भिन्न भिन्न अवतार हैं । समस्त योगिनियाँ, अपने अंदर नाना प्रकार के अलौकिक शक्तिओ से सम्पन्न हैं तथा इंद्रजाल, जादू, वशीकरण, मारन, स्तंभन इत्यादि कर्म इन्ही के कृपा द्वारा ही सफल हो पाते हैं । मुख्य रूप से योगिनियाँ आठ, अष्ट योगिनी तथा चौसठ योगिनी के नाम से जाने जाते हैं, जो अपने गुणों तथा स्वाभ से भिन्न भिन्न रूप धारण करते हैं


अष्ट योगिनियाँ, १. सुर-सुंदरी योगिनी, २. मनोहरा योगिनी ३. कनकवती योगिनी ४. कामेश्वरी योगिनी, ५. रति सुंदरी योगिनी ६. पद्मिनी योगिनी ७. नतिनी योगिनी ८. मधुमती योगिनी, नाम से जानी जाती हैं ।

चौसठ योगिनी, १. बहुरुप २. तारा ३. नर्मदा ४. यमुना ५. शांति ६. वारुणी ७. क्षेमंकरी ८. ऐन्द्री ९. वाराही १०. रणवीरा ११. वानर-मुखी १२. वैष्णवी १३. कालरात्रि १४. वैद्यरूपा १५. चर्चिका १६. बेतली १७. छिन्नमस्तिका १८. वृषवाहन १९. ज्वाला कामिनी २०. घटवार २१. कराकाली २२. सरस्वती २३. बिरूपा २४. कौवेरी २५. भलुका २६. नारसिंही २७. बिरजा २८. विकतांना २९. महा लक्ष्मी ३०. कौमारी ३१. महा माया ३२. रति ३३. करकरी ३४. सर्पश्या ३५. यक्षिणी ३६. विनायकी ३७. विंद्या वालिनी ३८. वीर कुमारी ३९. माहेश्वरी ४०. अम्बिका ४१ कामिनी ४२. घटाबरी ४३. स्तुती ४४. काली ४५. उमा ४६. नारायणी ४७. समुद्र ४८. ब्रह्मिनी ४९. ज्वाला मुखी ५०. आग्नेयी ५१. अदिति ५२. चन्द्रकान्ति ५३. वायुवेगा ५४. चामुण्डा ५५. मूरति ५६. गंगा ५७. धूमावती ५८. गांधार ५९. सर्व मंगला ६०. अजिता ६१. सूर्य पुत्री ६२. वायु वीणा ६३. आघोर ६४. भद्रकाली, नाम से जानी जाती हैं । समस्त योगनिओ, का सम्बन्ध मुख्यतः काली कुल से हैं तथा ये सभी तंत्र तथा योग विद्या से घनिष्ट सम्बन्ध रखते हैं । ये, सभी तंत्र विद्या में पारंगत तथा योग साधना में निपुण हैं तथा अपने साधको से समस्त प्रकार के कामनाओ को पूर्ण करने में समर्थ हैं । वे देवी पार्वती कि सर्वदा निस्वार्थ भाव से, सेवा जतन करती रहती हैं तथा देवी पारवती भी उन पर अपनी आघात स्नेह उजागर करती हैं । देवी ने अपने इन्ही सहचरी योगिनिओ के क्षुधा निवारण करने हेतु, अपने मस्तक को काट कर रक्त पान करवाया था तथा छिन्नमस्ता नाम से प्रसिद्ध हुई, देवी पार्वती इन्हे अपनी संतानो के तरह स्नेह करती हैं ।
— with महामाया सौन्दर्यलहरी and Shakti Sadhana

सोमवार, 20 अप्रैल 2015

अक्षय तृतीया

कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन कोई भी काम किया जाए वह शुभ होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है? दरअसल अक्षय का मतलब है जिसका कभी क्षय न हो यानी कभी कम ना होने वाला। हिंदू मान्यताओं में दो तरह के प्रतीकों की कल्पना की गई है- एक, जो खत्म हो जाते हैं या मारे जाते हैं। कौरव-पांडव, रावण और कंस आदि सभी खत्म हो गए। दूसरे, वो जो कभी नष्ट नहीं होते, जिनका कभी क्षरण नहीं होता। ग्रंथों में अक्षय वट का उल्लेख है। ऐसा माना गया है कि जब पूरी सृष्टि खत्म होगी और सारी पृथ्वी जलमग्न हो जाएगी, तब भी बरगद का वह पेड़ (अक्षय वट) खड़ा रहेगा। और उस पर एक नन्हें शिशु के रूप में भगवान कृष्ण, उस प्रलय की स्थिति से निर्विकार अपने दाएं पैर का अंगूठा चूस रहे होंगे।
दिन अक्षय कैसे?



लेकिन कोई खास दिन या तिथि अक्षय कैसे हो सकती है। तिथि तो हमेशा बदलती रहती है। इसके बारे में युधिष्ठिर ने कृष्ण से पूछा, तो कृष्ण ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक काम करेंगे, उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होगा। मान्यता है कि इसी दिन महाभारत की लड़ाई खत्म हुई थी और द्वापर युग समाप्त हुआ था। इसी मान्यता के कारण अक्षय तृतीया को ऐसा मौका माना जाता है, जिस दिन किया जाने वाला हर काम शुभ होगा और मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होगी।
सदियों बाद दुर्लभ संयोग
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हर साल अक्षय तृतीया आती है, जो इस बार 21 अप्रैल मंगलवार को है। इस बार अक्षय तृतीया पर सुबह से रात तक कई शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार यह दुर्लभ अवसर 191 साल बाद आया है। इस कारण यह दिन मांगलिक कार्य, दान-पुण्य और भूमि, भवन, वाहन और सोने की खरीदी के लिए अतिशुभ रहेगा। इस दिन सुबह 6.15 से दोपहर 11.57 बजे तक सर्वार्थसिद्धि योग और दोपहर 11.58 से सूर्यास्त तक रवि योग का विशिष्ट संयोग बन रहा है।
सोने की खरीददारी क्यों?

कोई भी नया काम, नया घर, नया कारोबार आदि शुरू करने से उसमें बरकत होगी और ख्याति मिलेगी। इस दिन लोग सोने के आभूषण भी खरीदते हैं और इसे शुभ माना जाता है। सोने को संपन्नता का प्रतीक माना जाता है और हमेशा संपन्नता के प्रतीक के तौर पर इसे खरीदा जाता है। अक्षय तृतीया, हर साल वैशाख शुक्ल के तीसरे दिन मनाई जाती है। इस समय तक फसलें कट जाती हैं और घर धन-धान्य से संपन्न हो जाता है। ऐसे में लोग दान दे सकते हैं, व्यापारी से सामान खरीद सकते हैं और पारिवारिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा सकते हैं।