बुधवार, 8 अप्रैल 2015

प्रात: हाथों के दर्शन से ही तीनों दिव्य शक्तियों के दर्शन

प्रतिदिन सुबह-सुबह हमारा एक प्रश्न होता है कि हमारा दिन कैसा रहेगा? दिन को अच्छा बनाने के लिए सभी कुछ न कुछ धर्म-कर्म अवश्य ही करते हैं। सभी चाहते हैं कि उनका नया दिन शुभ रहे, खुशियां देने वाला हो, दुख दूर करने वाला हो और सफलताएं दिलाने वाला हो। शास्त्रों के अनुसार एक सटीक उपाय बताया गया है जिससे हमारा पूरा दिन श्रेष्ठ बनता है और सभी दुख-क्लेश दूर होते हैं।



सुबह उठते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए कि हमारा पूरा दिन अच्छा रहे और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहे? कई लोग भगवान के दर्शन करते हैं तो कुछ अपने घर के सदस्यों का चेहरा देखते हैं लेकिन बिस्तर छोडऩे से पहले हमें हमारे हाथों के दर्शन करने चाहिए। कुछ लोग सोचते हैं कि हाथों के दर्शन से क्या होगा?
तो इस प्रश्न का उत्तर यह है कि धर्म ग्रंथों और ऋषि-मुनियों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हमारे हाथों की हथेलियों में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं।
इसी वजह से हमें सुबह उठते ही सबसे पहले अपने हाथों की हथेलियों के दर्शन करने चाहिए। दोनों हाथों को मिलाकर उसके दर्शन करके ही बिस्तर छोडऩा चाहिए।
हमारे हाथ के आगे के हिस्से में (अंगुलियों की ओर) लक्ष्मी, मध्य भाग में सरस्वती और नीचले भाग में नारायण यानी विष्णु का वास होता है। प्रात: हाथों के दर्शन से ही तीनों दिव्य शक्तियों के दर्शन का पुण्य मिलता है। सुबह हथेलियों का दर्शन करने के पीछे यही संदेश है कि हम परमात्मा से अपने कर्मों में पवित्रता और शक्ति की कामना करते हैं। संसार का सारा वैभव, शिक्षा, पराक्रम हमें हाथों के जरिए ही मिलता है। इसलिए हाथों में लक्ष्मी, सरस्वती और विष्णु तीनों का वास माना गया है।
कहते हैं दिन की शुरुआत अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा बीतता है। इसके लिए जरुरी है कि सुबह उठकर ऐसे काम करें जो आपको उत्साहित और उर्जावान बनाए रखे। न कि ऐसी गलती कर बैठें कि पूरा दिन तनाव और परेशानी में बीते।
हथेली को देखें-
हथेली को देखें, शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य को अपना दिन बेहतरीन बनाने के लिए सुबह उठकर सबसे पहले अपना हाथ देखना चाहिए। हाथ ही कर्म करता है और भाग्य को बदलने की क्षमता रखता है।
आखिर क्यों देखें हथेली-
आखिर क्यों देखें हथेली, कहा जाता है कराग्रे वसति लक्ष्मी:, कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्द:, प्रभाते कर दर्शनम?। यानी हथेली में लक्ष्मी, सरस्वती और गोविंद का वास है। इनके दर्शन से पूरा दिन अच्छा रहता है।
मन्त्र का ध्यान
मन्त्र का ध्यान, हथेली देखते हुए इस मंत्र का ध्यान भी करना चाहिए, ताकि आपके मन में लक्ष्मी, सरस्वती और गोविंद की छवि बने।
सबसे पहले किसे छूयें-
सबसे पहले किसे छूयें, बिछावना से उतरते समय पांव सीधे जमीन पर में नहीं रखना चाहिए। धरती को माता के समान आदरणीय कहा गया है इसलिए सबसे पहले धरती का स्पर्श करके हथेली को माथे से लगाएं।
ऊर्जा का संचार-
ऊर्जा का संचार, ऐसे करने से तन मन में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। अपने कार्य में आप बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं

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