गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015

कुछ विशिष्ट जानकारियां

कच्चे प्याज के कुछ स्वास्थ्य लाभएनीमिया ठीक करे---------------------प्याज काटते वक्त आंखों से आंसू टपकते हैं,ऐसा प्याज में मौजूद सल्फर की वजह से होता हैजो नाक के दृारा शरीर में प्रेवश करता है। इससल्फर में एक तेल मौजूद होता हैजो कि एनीमिया को ठीक करने में सहायकहोता है। खाना पकाते वक्त यही सल्फर जलजाता है, तो ऐसे में कच्चा प्याज खाइये।कब्ज दूर करे----------------इसमें मौजूद रेशा पेट के अंदर के चिपके हुए भोजनको निकालता है जिससे पेट साफ हो जाता है,तो यदि आपको कब्ज की शिकायत हैतो कच्चा प्याज खाना शुरु कर दीजिये।गले की खराश मिटाए------------------------यदि आप सर्दी, कफ या खराश से पीडित हैंतो आप ताजे प्याज का रस पीजिये। इमसें गुडया फिर शहद मिलाया जा सकता है।ब्लीडिंग समस्या दूर करे---------------------------नाक से खून बह रहा हो तो कच्चा प्याज काटकर सूघ लीजिये। इसके अलावा यदि पाइल्सकी समस्या हो तो सफेद प्याज खाना शुरु कर दें।मधुमेह करे कंट्रोल---------------------यदि प्याज को कच्चा खाया जाए तो यह शरीरमें इंसुलिन उत्पन्न करेगा, तो यदि आपडायबिटिक हैं तो इसे सलाद में खाना शुरु कर दें।दिल की सुरक्षा-----------------कच्चा प्याज हाई ब्लड प्रेशर को नार्मल करता हैऔर बंद खून की धमनियों को खोलता है जिससेदिल की कोई बीमारी नहीं होती।कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करे-----------------------इसमें मिथाइल सल्फाइड और अमीनो एसिडहोता है जो कि खराब कोलेस्ट्रॉल को घटा करअच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढाता है।कैंसर सेल की ग्रोथ रोके-------------------------प्याज में सल्फर तत्व अधिक होते हैं। सल्फर शरीरको पेट, कोलोन, ब्रेस्ट, फेफडे और प्रोस्टेट कैंसर सेबचाता है। साथ ही यह मूत्र पथ संक्रमणकी समस्या को भी खत्म करता है।//
बोलते हैं हस्ताक्षर
अनुसंधानो में देखा गया हैं कि जो व्यक्ति सीघा लिखते हैं वह भविष्य में गोते लगाने से वर्तमान में जीनेमें अधिक विश्वास करते हैं। एसी लिखावट वाले यक्ति बडे आत्म-विश्वासी होते हैं, उनकी स्वतंत्र सोच के कारण निर्णय लेने की क्षमता गजब कि होती हैं एवं तर्कशास्त्र में विशेष रुचि रखते हैं।
* जिस व्यक्ति कि लिखावट का झुकाव दायीं तरफ होता हैं वह व्यक्ति बहिर्मुखी होते हैं, जिस कारण, सामाजिक प्रवृत्ति और व्यवहार कुशलता का विशेष गुण इनमें सरलता से देखने मिलजाता हैं। अपने कार्यो की प्रशंसा की विशेष चाह रखते हैं। एसे व्यक्ति अधिक कर्मशील होने से अपनए भविष्य को उज्ज्वल बनाने की चिंता के कारण व्यक्ति में सदा कुछ न कुछ क्रियात्मक कार्य करते हुए आगे बढते रहने की इच्छा रहती हैं। भावनात्मक प्रवृत्ति के कारण अन्य लोगों के प्रति संवेदनशील होते हैं तथा उनके बीच रहना भी पसंद करते हैं।
*जिस व्यक्ति कि लिखावट का झुकाव बायीं ओर होता है वह व्यक्ति शांत स्वाभाव के होते हैं। उनमें अकेला जीवन बिताने कि इच्छा अधिक रहती हैं। एसे व्यक्ति थोडे संवेदनशील होते हैं जिस वजह से लोग उन्हें डरपोक समझते हैं। व्यक्ति अपनी सोच एवं परिस्थिओं के कारण व्यक्ति हमेशा अपने आपमें खोया रहता हैं जिस्से वह सरलता से बाहर नहीं निकल पाते जिसके कारण आसानी से मित्र नहीं बना पाते हैं।
*जिस व्यक्ति कि लिखावट बार-बार बदते रहते हैं वह व्यक्ति अस्थिर मानसिकता वाले होते हैं। एसे व्यक्ति अधिक धन का अपव्यय करने वाले, थोडे लापरवाह, हर जगह अपनी मर्जि चलाने वाले, जिद्दी किस्म के होते हैं। लोग इन पर शीघ्र विश्वास नहीं कर पाते यदि कोइ कर ले तो उनका विश्वार बरकरार रखने में भी यह असमर्थ होते हैं। मानसिक चिंता हर समय लगी रहती हैं। इनका व्यवसाय या नौकरी में बार बार परिवर्तन होते रहते हैं।
/कलश में क का अर्थ है जल और लश का तात्पर्य सुशोभित करने से है यानी वह पात्र जो जल से सुशोभित होता है। हिंदू धर्म में कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। इसलिए गृहप्रवेश या किसी भी तरह का पूजन होने पर कलश स्थापित किया जाता है। कलश एक विशेष आकार का बर्तन होता है, जो चौड़ा होने के साथ ही कुछ गोलाई लिए होता है। मान्यताओं के अनुसार कलश के ऊपरी भाग में विष्णु , मध्य में शिव और तल यानी मूल में ब्रह्मा का निवास होता है। इसलिए पूजन से पहले कलश को देवी-देवता की शक्ति, तीर्थस्थान आदि का प्रतीक मानकर कलश रखा जाता है।



कलश में डाली जाती हैं ये चीजें
शास्त्रों में बिना जल के कलश को स्थापित करना अशुभ माना गया है। इसी कारण कलश में पानी, पान के पत्ते, आम के पत्ते, केसर, अक्षत, कुमकुम, दुर्वा-कुश, सुपारी, पुष्प, सूत, नारियल, अनाज आदि का उपयोग कर पूजा के लिए रखा जाता है।
//कलश है इनका प्रतीक
कलश का पवित्र जल इस बात का प्रतीक है कि हमारा मन भी जल की तरह हमेशा ही स्वच्छ, निर्मल और शीतल बना रहें। हमारा मन श्रद्धा, तरलता, संवेदना और सरलता से भरा रहे। यह क्रोध, लोभ, मोह-माया और घृणा आदि से कौसों दूर रहे। कलश पर लगाया जाने वाला स्वस्तिक चिह्न हमारे जीवन की चार अवस्थाओं बाल्य, युवा, प्रौढ़ और वृद्धावस्था का प्रतीक है। कलश के ऊपर नारियल रखा जाता है जो कि श्री गणेश का प्रतीक है। सुपारी, पुष्प, दुर्वा आदि चीजें जीवन शक्ति को दर्शाती हैं।//
जनेऊ पहनने के लाभ

पूर्व में बालक की उम्र आठ वर्ष होते ही उसका यज्ञोपवित संस्कार कर दिया जाता था। वर्तमान में यह प्रथा लोप सी हो गई है। जनेऊ पहनने का हमारे स्वास्थ्य से सीधा संबंध है। पूर्व काल में जनेऊ पहनने के पश्चात ही बालक को पढऩे का अधिकार मिलता था। मल-मूत्र विसर्जन के पूर्व जनेऊ को कानों पर कस कर दो बार लपेटना पड़ता है। इससे कान के पीछे की दो नसे जिनका संबंध पेट की आंतों से है, आंतों पर दबाव डालकर उनको पूरा खोल देती है जिससे मल विसर्जन आसानी से हो जाता है तथा मल-मूत्र विसर्जन के समय कान के पास ही एक नस से कुछ द्रव्य विसर्जित होता है। जनेऊ उसके वेग को रोक देता है, जिससे कब्ज, एसीडीटी, पेट रोग, मूत्रन्द्रीय रोग, रक्तचाप, हृदय रोगों सहित अन्य संक्रामक रोग नहीं होते। जनेऊ पहनने वाला नियमों में बंधा होता है। वह मल विसर्जन के पश्चात अपना जनेऊ कान पर से तब तक नहीं उतार सकता जब तक वह हाथ पैर धोकर कुल्ला न कर ले। अत: वह अच्छी तरह से अपनी सफाई करके ही जनेऊ कान से उतारता है। यह सफाई उसे दांत, मुंह, पेट, कृमि, जिवाणुओं के रोगों से बचाती है। जनेऊ का सबसे ज्यादा लाभ हृदय रोगियों को होता है।

बुधवार, 25 फ़रवरी 2015

शिवरात्रि

मंगलवार, 17 फरवरी 2015 को शिवरात्रि है। इस दौरान शुक्र एवं गुरु उच्च राशि में रहेंगे। बुध-चंद्र की युति मकर राशि में रहेगी। मंगल मित्र राशि मीन में रहेगा। करीब 48 वर्षों के बाद शिवरात्रि पर योग बन रहा है कि गुरु एवं शुक्र, दोनों इस दिन उच्च राशि में रहेंगे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इससे पूर्व 1967 में शिवरात्रि पर गुरु एवं शुक्र उच्च राशि में स्थित थे।1967 के बाद 1979, 1991 एवं 2003 में गुरु उच्च का था, लेकिन शुक्र उच्च राशि में नहीं था। शिवरात्रि पर अधिकतर बुध-चंद्र की युति रहती है एवं शुक्र उच्च का होता है। इस कारण यह शिवरात्रि अत्यंत शुभयोग में आई है। बुध-चंद्र मकर राशि में है, जिन पर गुरु की पूर्ण सप्तम दृष्टि पड़ रही है। साथ ही, उच्च का शुक्र भी मीन राशि में ही स्थित है। जिस पर उच्च के गुरु की नवम दृष्टि पड़ रही है।यहां जानिए इन योगों का सभी 12 राशियों पर कैसा असर होने वाला है...





1. मेष राशि
चंद्रमा शुभ होगा, किंतु छोटी परेशानियां आती रहेंगी। अचानक कोई लाभ देने वाला काम प्राप्त हो सकता है। किसी भी कारण से इस कार्य को छोड़े नहीं। प्रवास पर जाने का योग भी बन रहा है।
क्या करें- शिवजी को आक का पुष्प अर्पित करें।
2. वृषभ राशि
चंद्रमा एवं शनि की वजह से अनावश्यक परेशानियों का सामना हो सकता है। निराशा का भाव ज्यादा रहेगा, किंतु बुधवार से कुछ राहत भरे समाचार मिलेंगे एवं धन की आवक भी सुगम होगी। शुक्रवार एवं शनिवार पूर्णत: अनुकूल रहेंगे। मित्रों से मिलना होगा। लेन-देन संभलकर करें। नौकरी में बदलाव का मन हो तो अभी यह विचार त्याग दें।
क्या करें- शिवजी को दूध मिश्रित जल अर्पित करें।
3. मिथुन राशि-.चंद्र एवं मंगल की वजह से धन के साथ ही जमीन से जुड़े मामलों में लाभ होगा। समय उत्साहपूर्ण रहेगा। सहयोग प्राप्त होगा। गुरुवार को कुछ छोटी समस्याएं आ सकती हैं। शुक्रवार एवं शनिवार पुन: उत्तम बनेंगे।
क्या करें- शिवलिंग पर 3 बिल्वपत्र अर्पित करें।
4. कर्क राशि
बुध एवं वक्री गुरु के कारण आपके लिए यह समय शानदार होगा। सफलताएं मिलती रहेंगी, किंतु अवसरों से पूरी तरह लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगे। सप्ताह के अंत में धन की कमी होने के आसार हो सकते हैं। कार्यों के लिए भी अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
क्या करें- शिवजी को चंदन एवं अक्षत अर्पित करें।
5. सिंह राशि
शिवरात्रि पर 48 वर्ष बाद ग्रहों के दुर्लभ योग, कैसा होगा 12 राशियों पर असर
राशि स्वामी सूर्य की दृष्टि प्राप्त होने से राशि पुन: मजबूत स्थिति में आप आ जाएंगे। चंद्र भी सहयोग प्रदान कर रहा है, बाधित कार्य पूर्ण होंगे। धन की प्राप्ति का योग है। आत्मविश्वास अधिक रहेगा। सीमाओं से बाहर जाकर कार्य करने से नुकसान की संभावना है।
क्या करें- शिवलिंग के पास शाम को घी का दीपक जलाएं।
6. कन्या राशि
केतु के साथ अब मंगल की दृष्टि इस राशि पर रहेगी। राहु को गोचर पहले से ही है जो परेशानियां उत्पन्न कर सकता है। चंद्र भी कुछ विपरीत फल दे सकता है। काम में मन नहीं लगेगा एवं नकारात्मकता हावी हो सकती है। सप्ताह अंत में सुधार होगा एवं सही तरीके से कार्य क्षमता प्राप्त होगी।

क्या करें- शिवलिंग पर बिल्व पत्र अर्पित करें।
7. तुला राशि
भाग्य सहयोग करने वाला बना हुआ है। कार्यों का विस्तार होगा एवं नवीन योजनाएं भी बनेंगी। लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने में सफल होंगे। बुध एवं गुरुवार को धन की कमी आ सकती है। शुक्रवार-शनिवार पुन: धन लाभ हो सकता है।
क्या करें- शिवजी को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
8. वृश्चिक राशि
कार्य की अधिकता रहेगी, ज्यादातर कार्य परेशान करने वाले होंगे। योजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। व्यय भी अधिक होगा। निराशा प्राप्त होगी। हालांकि आवश्यक धन समय पर उपलब्ध हो सकता है।
क्या करें- शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
9. DHNU RASHI --चंद्र के कारण यह समय आय प्राप्ति के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। कार्यों में भी सफलता मिलेगी। जिम्मेदारियों में वृद्धि होगी। धार्मिक यात्रा पर जाने का योग बनेगा तथा मांगलिक उत्सवों में शामिल होने का मौका मिलेगा। भाग्य अनुकूल रहेगा।
क्या करें- शिवजी को बिल्व पत्र एवं आंकड़े के पुष्प अर्पित करें।
10. मकर राशि
बुध व्यय की अधिकता कर सकता है, लेकिन मान-सम्मान भी प्रदान करेगा। लक्ष्य प्राप्ति में सफल रहेंगे। कोई मनचाहा कार्य इस सप्ताह पूर्ण हो सकता है। संतान से भी सुख प्राप्त होगा एवं न्यायालय में पक्ष मजबूत होगा।
क्या करें- शिवजी को सफेद पुष्प अर्पित करें।

11.KUMBH RASHI --सूर्य एवं मंगल की स्थिति के कारण राहत मिलेगी। सप्ताह के मध्य में धन की कमी हो सकती है, किंतु शेष सभी दिन अनुकूल रहेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा एवं विवादित मामलों में सफलता प्राप्त होगी। नई जगहों पर जाना पड़ सकता है।
क्या करें- शिवलिंग पर केशर मिश्रित दूध अर्पित करें।
12. मीन राशि
मंगल का राशि में प्रवेश हुआ है। यह शुभ हो सकता है। गुरु की दृष्टि से विदेश जाने की इच्छा रखने वालों को सफलता प्राप्त होगी। शुभ सूचनाएं भी मिलेंगी एवं कार्य समय पर संपन्न होंगे। शत्रु समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं, किंतु विजय आपकी होगी।
क्या करें- शिवजी को चावल एवं चंदन अर्पित करें।

रविवार, 22 फ़रवरी 2015

अपनो को स्वस्थ रखने के लिये

//स्वस्थ दिल के लिये ...अपनो को स्वस्थ रखने के लिये...
ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौते
कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं।
उसका आयुर्वेदिक इलाज ...
अदरक (ginger juice) - यह खून को पतला करता है।
यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।
लहसुन (garlic juice) - इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol BP को कम करता है।
वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।
नींबू (lemon juice) - इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C potassium खून को साफ़ करते हैं।
ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।
एप्पल साइडर सिरका ( apple cider vinegar) -
इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।
इन देशी दवाओं को इस तरह उपयोग में लेवें :-
एक कप नींबू का रस लें; एक कप अदरक का रस लें; एक कप लहसुन का रस लें; एक कप एप्पल का सिरका लें;
चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें;
उसमें 3 कप शहद मिला लें @रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे
सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है ...
ऐसे में दिल के दौरे से बचने के लिए ये उपाय आजमाए ;-
बिना किसी की मदद केउन्हें सांस लेने में तकलीफ
होती है । वे बेहोश होने लगते
है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है ।
ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है।
एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले
और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले।
जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई
जाए ताकि धड्कण सामान्य हो जाए ।
जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है
और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से
रक्त सञ्चालन नियमित रूप से चलता है ।
क्रपया अपना पूरा सहयोग जारी रखें .....
हम सभी आपके सदैव आभारी रहेंगे।
//दांतो के रोग---
बहुत बारीक पीसे सेंधा नमक को आधा चम्मच
हथेली पर रखकर उसमें सरसों का तेल डालें .फिर
हथेली को टेढी कर तेल की बूँदो से .उंगली से
दांतो की हल्की-हल्की मालिश करें .तत्काल
गुनगुना पानी से कुल्ला करें .ईस विधि प्रयोग से
दांतो में मीठा .ठंढा .गर्म व खट्टा लगना बंद हो जायेगा
*-आँवला जलाकर उसमें थोडा सा सेंधा नमक
मिलाकर सरसो के तेल के साथ मंजन करने से
पायरिया रोग दूर हो जायेंगे
*-इलायची .लौंग और खस के तेल को मिलाकर
दांतो पर मलने से पायरिया रोग दूर हो जायेंगे
*-जीरा .सेंधा नमक .हरड़ .सेमल के काँटें .दालचीनी सभी सामान मात्रा
में लेकर भून कर पीस लें .पाउडर को सरसो के तेल में मिलाकर
दांतो पर मशाज करें .गुनगुने पानी से
कुल्ला करें .पायरिया हमेशा के लिऐ दूर
हो जायेंगे .दांत चमक जायेंगे .दांतो की तमाम
बीमारी ठीक हो जायेंग!
//* आपकी सेहत के लिए आयुर्वेद के कुछ दोहे .....!
****चिंतित होता क्यों भला,
देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली,
यौवन स्थिर होय..
****लाल टमाटर लीजिए,
खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो,
दूर रहे मधुमेह..
****प्रातः संध्या पीजिए,
खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये,
नहीं रहे मधुमेह..
****सात पत्र लें नीम के,
खाली पेट चबाय,
दूर करे मधुमेह को,
सब कुछ मन को भाय..
****सात फूल ले लीजिए,
सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को,
जीवन में हो प्यार..
****तुलसीदल दस लीजिए,
उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी,
तन-मन मालामाल..
****थोड़ा सा गुड़ लीजिए,
दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए,
चाहे मोहनभोग.
****अजवाइन और हींग लें,
लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें,
दर्द दूर हो जाय..
****ऐलोवेरा-आँव ला,
करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों,
जीवन में हो सिद्धि..
****दस्त अगर आने लगें,
चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर,
लें पानी के साथ..
**** दही मथें माखन मिले,
केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें,
रंग गुलाबी आय..
****बहती यदि जो नाक हो,
बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें,
सूंघें डाल रुमाल..
****अजवाइन को पीसिये ,
गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो,
तन कंचन बन जाय..
****अजवाइन को पीस लें ,
नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों,
सभी बला टल जाय..
****अजवाइन-गुड़ खाइए,
तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो,
पायेंगे आराम..
****ठण्ड लगे जब आपको,
सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में,
अदरक पियें उबाल..
****अदरक का रस लीजिए.
मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें,
सर्दी जाए भाग..
****रोटी मक्के की भली,
खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका,
टी० बी० भी हो दूर..
****गाजर रस संग आँवला,
बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही,
पायें सब आराम..
****शहद आंवला जूस हो,
मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में,

यौवन स्थिर काम..//