मंगलवार, 26 अगस्त 2014

श्री साईं बाबा जी के ग्यारह वचन

*श्री साईं बाबा जी के ग्यारह वचन *


जो शिरडी में आएगा| आपद दूर भगाएगा|

चढ़े समाधि की सीढ़ी पर| पैर तले दुःख की पीढ़ी कर|

त्याग शरीर चला जाऊँगा| भक्त हेतु दौड़ा आऊँगा|

मन में रखना दृढ़ विश्वास| करे समाधि पूरी आस|

मुझे सदा जीवित ही जानो| अनुभव करो सत्य पहचानो|

मेरी शरण आ खाली जाये| हो तो कोई मुझे बताये|

जैसा भाव रहा जिस जन का| वैसा रूप हुआ मेरे मन का|

भार तुम्हारा मुझ पर होगा| वचन न मेरा झूठा होगा|

आ सहायता लो भरपूर| जो माँगा व नहीं है दूर|

मुझमें लीन वचन मन काया| उसका ऋण न कभी चुकाया|


धन्य धन्य व भक्त अनन्य| मेरी शरण तज जिसे न अन्य|

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